मेले कला संस्कृति का संगम व आर्थिकी का जरिया-मेयर

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Pahad Ki Chingari

ऋषिकेश-हस्तशिल्प क्राफ्ट मेले का उद्वाटन बतौर मुख्य अतिथि नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

उत्तराखंड व अन्य राज्यों के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के जिलों के उत्पाद की बिक्री के उद्देश्य से भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा भरत मंदिर खेल मैदान में जनजागृति सेवा समिति सितारगंज के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय मेले का उद्वाटन करते हुए महापौर ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय कला को तो बढ़ावा देते ही हैं, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को भी मजबूती प्रदान करते हैं।जब जनता देश में बनी वस्तुएं खरीदेगी तो ही देश तरक्की करेगा।महापौर ने अपने सम्बोधन में कहा कि मेले भारत के लोगों की कला-कौशल का स्थापित मंच रहे हैंं।इनके माध्यम से विलुप्त होती कला को बचाया जा रहा है। वहीं शिल्पकारों को अपनी कला बेचने के लिए बाजार मिल रहा है। उन्होंने आयोजन संस्था से स्थानीय शिल्पकारों को भी अपनी कला के प्रदर्शन के लिए मेले में स्थान देने की बात कही ताकि इसका लाभ उन्हें भी मिल सके।महापौर ने कहा कि भारत मेलों और त्योहारों का देश है। जिनके जरिये भारत की संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेलों में आकर बच्चे और युवा अपनी संस्कृति के बारे में एक ही जगह जानकारी जुटा रहे हैं। मेला एक तरफ जहां कला संस्कृति का संगम बना है, वहीं लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर रहा है। इस अवसर पर आयोजन समिति की सचिव सीमा सिंह, , पार्षद अनीता रैना, विजय बडोनी, कमलेश जैन, विजेंद्र मोघा, रंजन अंथवाल, राजेश गौतम, संजय सिंह ,नितिन गुप्ता ,सागर कक्कड़, हेमा चंद ,हर्षित आदि उपस्थित रहे।


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