तो क्या अकेले पड़ गए हरक सिंह रावत !

देहरादून : हरक सिंह रावत से जुड़ा मिथक इस बार भी नही बदल पाया इस बार भी उन्होंने चुनाव से ऐन वक्त पहले अपने तेवर बदल दिए जिससे भाजपा ने दवाब में न आकर हरक सिंह को बर्खास्त कर दिया
सूत्रों के हवाले से ये बड़ी बात सामने आ रही है कि फिलहाल उनके साथ कोई विधायक अन्य दल में नही जा रहा
आज दोपहर तक ले सकते है कांग्रेस की सदस्यता
पिछले लंबे समय से अपना व अपनी बहू के टिकट के लिए लगातार बना रहे थे दवाब
ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि वह लगातार काँग्रेस के संपर्क में है, वो कुछ करते उससे पहले ही भाजपा ने उनके ऊपर बड़ी कार्यवाही करते हुए उनको सरकार व संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया उनके साथ फिलहाल कोई अन्य विधायक नही नज़र आ रहा तो ऐसे में ये कहना गलत नही होगा कि अकेले पड़ गए हरक सिंह रावत





